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तिब्बत से नेपाल जाने वाला हाईवे शुरू, चीन की आर्मी भी करेगी इस्तेमाल


china-nepal-highway-started-20-09-27
नई दिल्ली: चीन ने तिब्बत के शिगेज शहर से नेपाल बॉर्डर तक जाने वाला 40 किलोमीटर लंबा हाईवे शुरू कर दिया है।

इसका इस्तेमाल सिविलियन और आर्मी दोनों कर सकेंगे। इस हाईवे के शुरू होने से चीन साउथ एशिया तक पहुंच बनाने के और करीब आ गया है। चीन के नेपाल बॉर्डर तक हाईवे बनाने का मतलब ये हुआ कि इससे भारत के लिए दिक्कतें और बढ़ गई हैं।क्या है मामला... - चीन का यह हाईवे तिब्बत के शिगेज एयरपोर्ट से शिगेज सिटी तक बनाया गया है। इसका इनॉगरेशन किया गया। इसका एक हिस्सा नेपाल बॉर्डर से भी मिलता है। - फिलहाल, शिगेज एयरपोर्ट से सिटी तक पहुंचने में एक घंटे से ज्यादा वक्त लगता है।

इस हाईवे के शुरू हो जाने से अब सिर्फ 30 मिनट में यह सफर पूरा होगा। बता दें कि शिगेज तिब्बत का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। - चीन के अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने एक्सपर्ट्स के हवाले से कहा- इस हाईवे के शुरू होने से चीन को साउथ एशिया तक पहुंच बनाने में ज्यादा आसानी हो जाएगी। इसका इस्तेमाल आम लोगों के अलावा आर्मी भी कर सकेगी। क्या कहता है चीन? - इस हाईवे के शुरू होने के बाद चीन नेपाल तक ट्रेन रूट बनाने की कोशिश कर रहा है। चीन पहले भी कहता रहा है कि वो साउथ एशिया तक रेल कनेक्टिविटी चाहता है। लेकिन, चीन के इस सपने को साकार करने में उसे भारत, भूटान और बांग्लादेश की मदद चाहिए। - चीन ने पिछले दिनों कहा था कि अगर उसे भारत का साथ मिलता है तो वो पूरे साउथ एशिया में ट्रेड कॉरिडोर बना सकता है। हालांकि, चीन के इन इरादों पर अब तक भारत ने कोई साफ रिएक्शन नहीं दिया है। 

रिपोर्ट के मुताबिक नया हाईवे शिगेज-ल्हासा रेल नेटवर्क के पैरेलल है। जो नेपाल की बॉर्डर पर स्थित झांगमू तक जाता है। नेपाल तक रेलवे नेटवर्क - चीन का G318 हाईवे झांगमू और तिब्बत की राजधानी ल्हासा को जोड़ता है। शंघाई इंस्टीट्यूट के झाओ गेनचेंग का कहना है कि यहां रेल नेटवर्क आने से चीन और नेपाल की दूरियां काफी कम हो जाएंगी। - चीन काफी वक्त से तिब्बत और नेपाल के बीच रेल कनेक्टिविटी बनाने की कोशिश कर रहा है। दोनों देशों के बीच ट्रेड ट्रीटी भी पिछले साल हुई थी।
(AAJ KA LEADER)
Aaj Ka Leader