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अक्टूबर से नई कीमतों पर मिलेंगे प्रोडक्ट्स, कई कंपनियों ने बढ़ा दिए दाम


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ये नए दाम जीएसटी लागू होने के बाद कीमतों में आए बदलाव के आधार पर होंगे। यदि कोई दुकानदार 30 सितंबर के बाद भी पुराने एमआरपी पर सामान बेचता पाया जाता है तो उसकी ऐसी सामग्री जब्त की जा सकती है। 
एक अक्टूबर से दुकानदार पैकिंग वाले प्रोडक्ट्स पुराने एमआरपी पर सामान नहीं बेच पाएंगे। एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद कंपनियों को ऐसे माल को क्लियर करने के लिए निर्माताओं-ट्रेडर्स को तीन माह का वक्त दिया गया था। इसकी समय सीमा 30 सितंबर को खत्म हो रही है।
प्रोडक्ट्स की कीमत काफी बढ़ा दी... - सूत्रों का यह भी कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद नई एमआरपी में कुछ कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट्स की कीमत काफी बढ़ा दी है। - इस संबंध में अब तक कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। हालांकि, कुछ कंपनी ऐसी भी हैं, जिन्होंने अपने प्रोडक्ट्स के दाम घटाए हैं। 30 सितंबर को खत्म हो रही है यह समय-सीमा - कंज्यूमर मिनिस्ट्री के एक अफसर ने कहा एक अक्टूबर से पुरानी एमआरपी के साथ सामान बेचने की समय सीमा बढ़ाने की संभावना कम ही है।
- यदि कोई आयातक या कंपनी आवेदन करती है तो उस पर ‘केस टू केस’ स्तर पर इजाजत देने के बारे में सोचा जाएगा। - इजाजत मिलने पर अवधि कितनी बढ़ाई जाएगी, इसका निर्णय भी संबंधित अधिकारी ही तय करेंगे।
- हालांकि पुराने माल की बिक्री को लेकर राज्यों में क्या हालात हैं। इसे लेकर उपभोक्ता मंत्रालय ने सभी राज्यों से इस संबंध में जानकारी मांगी है ताकि 30 सितंबर से पहले तस्वीर साफ हो सके। सीआईआई ने की तारीख बढ़ाने की मांग
- उद्योग संगठन सीआईआई ने कारोबारियों को पेश आ रही मुश्किलों के मद्देनजर जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख को एक-दो माह बढ़ाने की मांग की है। हालांकि जीएसटी काउंसिल पहले ही फाइलिंग की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 10 अक्टूबर कर चुकी है। - सीआईआई का कहना है कि सिस्टम से जुड़े कुछ मुद्दों को हल करने के लिए समय सीमा बढ़ाई जानी चाहिए। इससे सिस्टम में स्थिरता आएगी। - संगठन का कहना है कि जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 रिटर्न ऑनलाइन दाखिल करने में कारोबारियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। - इसे देखते हुए जीएसटी लागू होने के शुरुआती छह महीनों में राजस्व विभाग को कारोबारियों और उद्योगों के खिलाफ कोई दंडनीय कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।

(AAJ KA LEADER)
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